
केंद्र सरकार ने 5G स्पेक्ट्रम आवंटन से लेकर 5G रोलआउट में काफी चुस्ती दिखाई है, जिसके नतीजे देखने को मिल रहे हैं। आज भारत दुनिया में सबसे तेज रफ्तार से 5G रोलआउट करने वाला देश बन गया है। वही, अब सरकार ने दावा किया है कि भारत में मौजूदा वक्त में करीब 84 फीसद आबादी तक 5th जनरेशन मोबाइल सर्विस पहुंच चुकी है। जैसा कि आपको मालूम है कि भारत एक बड़ी आबादी वाला देश है। ऐसे में रेकॉर्ड समय में 5G नेटवर्क को रोलआउट किया गया है।
कम समय में पूरा किया बड़ा टारगेट
ET की रिपोर्ट की मानें, तो मिनिस्ट्री ऑफ कम्यूनिकेशन के सीनियर ऑफिसर ने कहा कि टेलिकॉम ऑपरेटर की तरफ से 5G नेटवर्क के तेजी से रोल-आउट की वजह से भारत के 84 फीसद आबादी तक 5G पहुंचाने में मदद मिली है। इस रोलआउट को बेहद कम समय में हासिल किया गया है।
सबसे सस्ता मोबाइल डेटा
संचार राज्य मंत्री चंद्र शेखर पेम्मासानी ने कहा कि भारत ने स्वदेशी 4G और 5G टेक्नोलॉजी को विकसित किया है, जिससे सिक्योरिटी को लेकर चिंताएं खत्म हो गई है। साथ ही हर इलाके तक कवरेज पहुंचाने में मदद मिली है। इसके साथ ही डेटा को अफोर्डेबल बनाने में मदद मिली है। उन्होंने कहा कि अफोर्डेबल डेटा की उपलब्धता ने डिजिटल संचार को बेहद लोकतांत्रिक बनाया है, जिससे भारत के लाखों लोग एक-दूसरे से कनेक्ट हो सकते हैं। साथ ही डिजिटल अर्थव्यवस्था में योगदान दे सकते हैं।
5G रोलआउट कैसे बनाआसान
मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने एडजेस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) इंफ्रॉस्ट्रक्चर को पहले से बेहतर किया है। साथ ही स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क (SUC) को हटाने के साथ बैंक गारंटी को सही किया है। इसके अलावा भारतीय दूरसंचार कंपनियों पर ब्याज और पेनल्टी के बोझ को खत्म करने का काम किया है। इन सभी दिक्कतों को खत्म करने का ही नतीजा है कि आज भारत ने रेकॉर्ड समय में 5G को रोलआउट किया है। साथ ही केंद्र सरकार ने दूरसंचार सर्विस प्रोवाइडर के करीब 20,000 करोड़ रुपये का वित्तीय बोझ कम किया है।